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Saturday, 18 July 2015

राजनीति की यादाश्त

राजनीति  की यादाश्त होती है कमजोर 
यहाँ हर वक़्त लगा रहता है करप्शन का शोर 

इलेक्शन से पहले जिसको कहते है ये चोर 
सरकार बनाने के लिए जोड़ लेते है गठबंधन की ये डोर 

इन नेताओ के दिल होते है बहुत कठोर 
भूके प्यासे मरते किसानो से ही वोट मिलते है इन्हे मोर 

करते है घोटाला या अत्याचार उनपे जो होते है कमजोर 
इनको डर नहीं कहते है जनता की भी यादाश्त है कमजोर 

जब चाहे भटका देते है जनता का ध्यान कहीं ओर 
ये है बहुत चालक बनाके बेफ़्कूफ फिर लेते है वोट बटोर 


Raajniti ki yaadasht hai bahut kamjor
yahan har waqt laga rehta ha corruption ka shor

election se pehle jisko kehte hai ye chor
sarkaar banaane ke liye jod lete hai gathbandhan ki ye dor

in netao ke dil hote hai bahut kathor
bhuke pyase marte kisano se hi vote milte hai inhe more

karte hai ghotala aur atyachar unpe jo hai kamjor
inko darr nahi kehte hai janta ki bhi yaadasht hai kamjor

jab chahe bhatka dete hai janta ka dhyan kahin aur
ye hai bahut chalak banake befkoof fir lete hai vote bator...

Poem By Peeyush



Thursday, 27 February 2014

Delhi Election - A Poem on Politics



Delhi में हुए जब election इस बार
वोटो के बहुमत में कोई पार्टी न हो सकी पार

कांग्रेस ने दिया सहारा करने को कमल पे वार
लोगो से राय ले बनायीं आप ने सरकार

लोगो को लगा अब होंगे delhi के सपने साकार
आएगी सुख समृद्धि होगी शांति आपार। ।

चुकाया भी न था delhi का आभार ....
थोड़े ही दिन में धरना कर मचा दिया चारो और हा हा कार

लोगो कि दिक्कत जान्ने को delhi में लगा जनता दर्बार…
भीड़ से डर भाग खड़े हुए जिनके सर पे थी नयी शक्ति  सवार ।

हीरो बनने कि कोशिश कि  रात में छापे मार
बताया पुलिस को वजह जब उल्टा पड़ गया वार

बनाके लोकपाल का इशू assembly में मचा दी तकरार
जब बात न बनी तो कहते है गवर्नर है कांग्रेस का यार

cm से pm के सपने को करने साकार
बिना पूछे delhi वालो से गिरा दी सरकार

-Poem by Peeyush



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